रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में विश्वरंग 2020 का शुभारंभ

हमारे देश की संस्कृति में जीवन का आनंद समाहित है। मानवीय संवेदनाओं और जीवन की विविधता को सहजता के साथ आनंद के रूप में बांटने का गुण हमारे ऋषि-मुनियों की देन है। उक्त विचार प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में भारतीय संस्कृति पर केंद्रित विश्वरंग 2020 टैगोर अंतर्राष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम में व्यक्त किए। कार्यक्रम में 29 नवंबर तक कला, साहित्य, सिनेमा, संगीत पर आधारित गतिविधियाँ आयोजित होंगी, जिसमें विभिन्न देशों के छात्र-छात्राओं द्वारा भाग लिया जा रहा है।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश की उत्सव प्रधान संस्कृति है। भारतीय संस्कृति की यह अनूठी विशेषता हमें दुनिया से अलग बनाती है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव रबीन्‍द्रनाथ टैगोर ने अपने साहित्य  के माध्यम से हमें भारतीय संस्कृति की अनेक विशेषताओं से अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि 21वीं सदी भारत की होगी जो आज साकार हो रही है।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा के परिवेश को संभाल कर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। नई शिक्षा नीति हमारे जीवन और समाज में परिवर्तन लाने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को अच्छी शिक्षा देने में गुरुओं की महती भूमिका होती है। उन्होंने विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रमों को देखकर सराहना की। उन्होंने विश्वविद्यालय के अटल इक्यूवेशन सेंटर और एनर्जी सेंटर का भ्रमण किया। साथ ही कार्यक्रम में विभिन्न पुस्तकों एवं फोल्डर्स का विमोचन किया।

विश्वरंग 2020 के शुभारंभ अवसर पर वीडियो संदेश के माध्यम से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में कुलाधिपति संतोष चौबे सहित अन्य अतिथि, प्राध्यापक, विद्यार्थी एवं  प्रतिभागीगण उपस्थित थे।

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