नेशनल रीडिंग-डे (राष्ट्रीय पठन दिवस) 19 जून 2020 को पूरे देश में मनाया जाएगा। मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए रोचक कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। आकाशवाणी और वन्या रेडियो से प्रसारित ‘‘रेडियो स्कूल’’ कार्यक्रम में प्रातः 11 बजे प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग श्रीमती रश्मि अरुण शमी, शालेय विद्यार्थियों को पढ़ने की आदत विकसित करने एवं नियमित पढ़ने से जीवन में होने वाले सकारात्मक प्रभावों के बारे में संदेश देंगी। इसी कार्यक्रम में आयुक्त, राज्य शिक्षा केन्द्र श्री लोकेश कुमार जाटव, विद्यार्थियों को प्रतिदन अपनी पाठ्य पुस्तक से अथवा पुस्तकालय से कम से कम एक कहानी, कविता, नाटक, एकांकी, निबन्ध आदि जरूर पढ़ने की शपथ दिलायेंगे।

इस विशेष रेडियो कार्यक्रम में शालेय विद्यार्थियों के लिए उनकी पिछली कक्षा की हिन्दी विषय की पाठ्यपुस्तक की किसी कहानी पर प्रश्नोत्तरी (क्विज) का आयोजन भी किया जा रहा है। उक्त पुस्तकों में से कक्षावार किसी कहानी का उल्लेख किया जाकर प्रश्न पूछे जायेंगे। ये प्रश्न विद्यार्थियों को उनके व्हाटसएप नंबर पर भी भेजे जायेंगे, जिनका उत्तर वे व्हाट्सएप पर ही दे सकते हैं अथवा पोस्टकार्ड या अपने शिक्षक के माध्यम से ज़िले के ज़िला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) को 1 जूलाई 2020 तक भेज सकते हैं। सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। 

विद्यार्थी उनके द्वारा पढ़ी गई कहानी से मिलती-जुलती  कोई लोककथा या कहानी पर आधारित चित्र, कविता आदि भी बनाकर राज्य शिक्षा केन्द्र के पाठ्यक्रम कक्ष को प्रेषित कर सकते हैं। चयनित कथा, कहानी, चित्रों को राज्य स्तरीय गुल्लक पत्रिका में शामिल किया जायेगा तथा गुल्लक की एक प्रति संबंधित विद्यार्थी को प्रेषित की जायेगी। उल्लेखनीय है कि, भाषा कौशल उन्नयन, पाठ्यपुस्तकों के साथ-साथ अन्य पुस्तकों के पढ़ने एवं समझने की रूचि विकसित करने हेतु, राष्ट्रीय स्तर पर 19 जून से एक सप्ताह तक रीडिंग सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। 

राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा राष्ट्रीय पठन दिवस एवं सप्‍ताह के आयोजन के संबंध में सभी ज़िला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है। सभी कलेक्टर्स से अपेक्षा की है कि, 19 से 25 जून 2020 तक अपने जिले में रीडिंग सप्ताह का आयोजन सुनिश्चित करवाएं। इस दौरान कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए बच्चों को शाला पुस्तकालय, पंचायत पुस्तकालय, ज़िला पुस्तकालय से पुस्तकें पढ़ने हेतु प्रेरित किया जाए।

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