भोपाल:- रविवार-2 अक्टूबर से प्रदेश के ऐसे गाँवों में जहाँ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग या ग्राम पंचायतों द्वारा नल-जल योजनाओं का संचालन हो रहा है, उनमें ‘नल से जल-आज और कल’ ग्राम सभा का आयोजन किया जा रहा है। ग्रामों में संचालित नल-जल योजना को जन-सहभागिता द्वारा स्थायी रूप से निरंतरता देने के लिये 26 जनवरी 2017 तक चरणबद्ध तिथियों में अभियान चलाया जायेगा।

इस कार्यक्रम में जिला कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की सहभागिता अनिवार्य रूप से रहेगी। यांत्रिकी एवं ग्रामीण विकास विभाग के उप यंत्रियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है जो संयुक्त रूप से नल-जल यात्रा की रूपरेखा तैयार करेंगे। जिन गाँवों में पेयजल योजना सुचारू रूप से चल रही है वहाँ 100 प्रतिशत घरेलू कनेक्शन की आवश्यकता का आकलन किया जायेगा।

ग्राम सभाओं में नल-जल योजना के स्त्रोत की क्षमता का आकलन, पेयजल टंकी की स्थिति, उप समिति का गठन और पाइप लाइन के पर्यवेक्षण के लिए पेयजल सुरक्षा यात्रा की जा रही है। सभी जानकारी सर्वेक्षण पत्र में संकलित कर पंचायत दर्पण पोर्टल पर अपलोड की जायेगी। साथ ही ग्राम में जल कर की संभावना, बंद योजनाओं को चालू करना, तकनीकी आकलन और नल-जल योजना की मरम्मत के लिए तकनीकी प्राक्कलन भी प्रस्तुत कर निर्णय के लिये ग्राम सभा के सदस्यों से चर्चा की जायेगी।

विभाग के सर्वेक्षण पत्रक के अनुसार ग्रामीण नल-जल योजना का भौतिक सत्यापन सचिव/सरपंच-ग्राम पंचायत तथा उप यंत्री लोक स्वास्थ एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा किया जायेगा। नल-जल सुधार योजना की समय-सीमा में काम पूरे किया जाना है।

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