केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज ‘लोक शिकायतों पर फीडबैक कॉल सेंटर’ लॉन्‍च किए

http://i1.wp.com/164.100.117.97/WriteReadData/userfiles/image/image002FAH1.jpg?resize=398%2C194

और उन नागरिकों के साथ कोविड-19 राष्ट्रीय लोक शिकायत मॉनिटर पर ‘लाइव (सीधा) संवाद’ किया जिनकी शिकायतों का सफलतापूर्वक निवारण किया जा चुका है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने अब तक ‘1 लाख कोविड-19 लोक शिकायतों’ के निवारण की उल्‍लेखनीय उपलब्धि हासिल करने पर डीएआरपीजी को बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व ने सरकार को आम आदमी की शिकायतों को दूर करने हेतु अथक प्रयास करने के लिए प्रेरित किया है।’

ऐसा पहली बार हुआ है जब सरकार के किसी वरिष्ठ मंत्री ने उन नागरिकों के साथ लाइव संवाद किया है जिन्होंने कोविड-19 के दौरान शिकायतें दर्ज कराई थीं और इसके साथ ही उन्‍होंने अन्य मंत्रालयों के लिए भी एक उपयुक्‍त फीडबैक (सुझाव, जानकारी, प्रतिक्रिया देना) व्‍यवस्‍था के साथ प्रभावकारी तरीके से लोगों की शिकायतों का निवारण करने का मार्ग प्रशस्त किया।

http://i1.wp.com/164.100.117.97/WriteReadData/userfiles/image/image001AQXL.jpg?resize=349%2C349

डीएआरपीजी ने बीएसएनएल के सहयोग से 1406 कॉल सेंटर ऑपरेटरों के साथ भुवनेश्वर, गुवाहाटी, जमशेदपुर, वडोदरा, अहमदाबाद, लखनऊ, अजमेर, गुंटूर, कोयंबटूर और गुंतकल में फीडबैक कॉल सेंटरों को चालू किया है।

 

फीडबैक कॉल सेंटर उन 1.28 लाख कोविड-19 लोक शिकायतों पर नागरिकों की संतुष्टि के बारे में उनसे अपनी प्रतिक्रिया देने को कहेंगे

http://i1.wp.com/164.100.117.97/WriteReadData/userfiles/image/image003X6GO.jpg?w=640

जो सीपीजीआरएएमएस पर 30/3/2020 से 30/5/2020 तक की अवधि के दौरान दर्ज कराई गई थीं। कॉल सेंटरों के संचालकों को फीडबैक प्रश्नावली पर आवश्यक प्रशिक्षण देने का काम 9-10 जून, 2020 को पूरा हो चुका है। फीडबैक कॉल सेंटर हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी, पंजाबी, कन्नड़, कोंकणी, मलयालम, तमिल, तेलुगू, उड़िया, बंगाली, असमिया और राजस्थानी भाषाओं में संचालित किए जाएंगे।

 

इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने 3 दिनों की अवधि में उन 4 नागरिकों से कोविड-19 नेशनल मॉनिटर पर संवाद किया, जिनकी शिकायतों का निवारण कर दिया गया है। डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ संवाद करने वाले नागरिकों में ये शामिल थे, (ए) श्रीमती रेणुका वी. .पारासप्पागोल, कर्नाटक के बीजापुर की निवासी, जिनकी केनरा बैंक से धन रिफंड की शिकायत का निपटान वित्तीय सेवा विभाग द्वारा कि‍या गया (बी) श्री गोरधनभाई जेठाभाई पटेल, गुजरात के वड़ोदरा के निवासी, जिनकी परिपक्व एमआईएस निवेश के रिफंड की शिकायत का निवारण डाक विभाग द्वारा किया गया (सी) श्री लक्ष्मीनारायण, दिल्ली के निवासी, जिनकी बेटी का उपचार एचसीक्‍यू से करने की शिकायत का निवारण एम्स द्वारा किया गया और (डी) श्री मृथिनजयन, तमिलनाडु के चेन्नई के निवासी, जिनकी जमा की मासिक किस्तों को स्वीकार करने की शिकायत डाक विभाग द्वारा अनुमोदन करने के साथ निपटाई गई। नागरिकों ने डॉ. जितेंद्र सिंह को सूचित किया कि उनके ट्वीट एवं वक्‍तव्‍यों से ही उन्‍हें ‘कोविड-19 राष्ट्रीय लोक शिकायत मॉनिटर’ के बारे में पता चला था और इसके साथ ही उन्‍होंने अपनी-अपनी शिकायतों के समय पर निवारण के लिए सरकार का धन्यवाद किया।

इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि ‘मोदी 2.0’ में सीपीजीआरएएमएस ने क्रांतिकारी सुधारों के साथ-साथ परिवर्तनकारी शासन को भी देखा है, जिसके परिणामस्वरूप ही भारत में शिकायत निवारण में बड़े पैमाने पर बेहतरी या सुधार संभव हो पाया है। इस दिशा में उठाए गए अहम कदमों में शिकायतें प्राप्‍त करने वाले शीर्ष 20 मंत्रालयों/विभागों में सीपीजीआरएएमएस सुधारों को लागू करना और इसके जरिए अंतिम छोर वाले शिकायत अधिकारियों को निरूपित करना, सीपीजीआरएएमएस एवं फीडबैक कॉल सेंटरों के साथ राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के शिकायत पोर्टलों का एकीकरण करना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी ने भारत के नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए डिजिटल अवसरों की एक दुनिया तैयार कर दी है और डीएआरपीजी को संकट के मद्देनजर लागू किए गए सुधारों का अवश्‍य ही सबसे अच्छा उपयोग आने वाले दिनों में करना चाहिए। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि डीएआरपीजी को सफलतापूर्वक किए गए लोक शिकायत निवारण पर कामयाबी की गाथाओं का एक संग्रह प्रस्‍तुत करना चाहिए, जिसे व्‍यापक रूप से प्रसारित किया जा सकता है ताकि नागरिकों में यह विश्वास बहाल किया जा सके कि सरकार उनके मुद्दों या समस्‍याओं के प्रति अत्‍यंत संवेदनशील है।

इस शुभारंभ समारोह में डॉ. के. शिवाजी, सचिव डीएआरपीजी; वी. श्रीनिवास, अपर सचिव, डीएआरपीजी;  श्री पी.के. पुरवार, चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक, बीएसएनएल; श्रीमती जया दुबे, संयुक्त सचिव, डीएआरपीजी और एम्स, डाक विभाग, डीएआरपीजी तथा बीएसएनएल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ बीएसएनएल के 1500 कॉल सेंटर संचालक और वे नागरिक भी शामिल हुए जिनकी शिकायतों का सफलतापूर्वक निवारण किया जा चुका है।

LEAVE A REPLY